Publishing Experiences by Authors

बुक फायलो के साथ अपनी पहली पुस्तक अर्थ कलिका का प्रकाशन एक संतुष्टि भरा अनुभव रहा। मुख पृष्ठ से अंतिम पृष्ठ तक सैंटिंग, प्रूफरीडिंग जब तक संतुष्ठ न हो जाएँ,कौन सी रचना कहाँ होगी..सभी कुछ देख परख कर करना ,मन ही मन डरते हुये कि कोई गलती न हो जाए, बार बार कवर फोटो बदलना, दस बार रचना को पढ़ना..।पर बहुत ही रोमांचक भरा था। दो दिन में ई बुक और उसके बाद लगभग पंद्रह दिन में पुस्तक आपके हाथ। हाँ इस बीच बुक फायलो की हेल्पलाइन से बेवर निवासी पारस मिश्रा जी ने मदद की समझाने में। नवनीत पांडे ने भी मनोबल बढ़ाया।जो स्वयं भी रचनाकार ,विद्यार्थी तथा जॉब करने वाला बच्चा है। तहेदिल से शुक्रिया।आत्मविश्वास से लवरेज हूँ।

उचित मार्गदर्शन, अच्छी छपाई
चंद घंटो में ई बूक एवं चंद दिनों में
आईएसबीएन के साथ सभी बूक स्टोर पर
उपलब्ध, साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
के साथ मनपसंद बाह्य आवरण एवं इंटीरियर
भारत में अब बूक फाइलो
स्वचालित प्रकाशन में न. 1 पर आ गया है..
ऐसा हमने अपनी हाल में प्रकाशित पुस्तक
“कश्मीर गाथा” के दौरान महसूस किया है।

मेरी यह पुस्तक बाल ज्ञान पुञ्ज जो BookFylo के माध्यम से प्रकाशित हुई है। मैं इनके इतने सहज सुलभ A. I . System से आत्ममुग्ध हूॅं। इस प्लेटफार्म पर आप अपनी पुस्तक को न सिर्फ बनते हुए देखते हैं बल्कि आप स्वयं बनाते हैं। इतने कम समय में उत्कृष्ट तरीके से ISBN नंबर सहित पुस्तक को प्रकाशित करना इनके उत्कृष्ट कार्य, समर्पण, लगन और दृढ़ता को प्रदर्शित करता है। इसके लिए मैं राजकुमार पाल “राज” BookFylo की पूरी टीम के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूॅं।

“कुछ तो बाकी है” के प्रकाशन का सफर मेरे लिए बेहद विशेष और यादगार रहा। लेखन एक आत्मीय प्रक्रिया है, लेकिन जब वह पंक्तियाँ पुस्तक का रूप लेती हैं तो वह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा लगता है।
इस पुस्तक को प्रकाशित करने की प्रक्रिया को मैंने स्वयं अनुभव किया और महसूस किया कि आज के डिजिटल युग में प्रकाशन कितना सरल और सुलभ हो गया है। आधुनिक पब्लिशिंग ऐप की सहायता से यह पुस्तक मात्र तीन दिनों में प्रकाशित हो पाई। जहाँ पहले यह कार्य महीनों का हुआ करता था, वहीं तकनीक ने इसे आसान और तेज़ बना दिया है।
इस पूरी यात्रा में AI (Artificial Intelligence) मेरे लिए एक सह-यात्री की तरह रहा। इसकी मदद से मैंने अपनी पुस्तक को मनचाहा रूप दिया—शीर्षक से लेकर कवर डिज़ाइन तक और शब्दों से लेकर प्रस्तुति तक, हर चरण पर यह अनुभव अत्यंत संतोषजनक और आत्मनिर्भर बनाने वाला रहा।
लेखक के रूप में यह अहसास अद्भुत है कि अब हम अपने विचारों को तुरंत पाठकों तक पहुँचा सकते हैं और अपनी रचनात्मकता को नए आयाम दे सकते हैं।
मैं इस अनुभव को अपने पाठकों और भावी लेखकों के साथ बाँटकर यही कहना चाहती हूँ—“अब लिखना ही नहीं, प्रकाशित करना भी आपके हाथों में है।”
– कल्पना सोनी
(लेखिका)

नमस्कार, मुझे यह बताते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है कि मेरी चौथी पुस्तक “सैनिक की कहानियाँ ” साहित्यपीडिया और बुकफाइलो (BookFylo) के सौजन्य से बड़ी सरलता और सहजता से प्रकाशित हो गई है। जिसके लिए मैं साहित्यपीडिया और बुकफाइलो टीम का बहुत-बहुत आभारी हूंँ। बुकफाइलो ऐप एक कमाल की सुविधा उपलब्ध कराता है जिससे रचनाकार को प्रकाशन संबंधित निजी पसंदीदा चीजों को समावेश करने का अवसर मिलता है। और यह सही मायने में सेल्फ डेस्क पब्लिशिंग को एक नया आयाम देता है। जिसके लिए मैं साहित्यपीडिया का आभार व्यक्त करता हूंँ। धन्यवाद।
Book flyo ने मेरा book publish करने का सपना पूरा किया। जिसके लिये मैं सदा आभारी रहूंगी।यहाँ की टीम ने समय- समय पर मेरा मार्ग दर्शन किया और मेरी कमियों को इतनी सुंदरता से सँवारा हैं कि वो अपूर्ण से सम्पूर्ण लगती हैं।
अन्त में मैं यही कहूंगी कि अब Book Fylo के साथ जो रिश्ता बना है वो दिन प्रतिदिन बढ़ता रहे और Book Fylo ऊँचाइयों के शिखर तक पँहुचे।
पुस्तक का आवरण और आंतिरिक छपाई उत्तम गुणवत्ता वाली है। मूल्य भी कम है।
बहुत-बहुत धन्यवाद है साहित्य पीडिया और BookFylo को जिन्होंने हम जैसे युवा रचनाकारों की रचना को आसान तरीके से प्रकाशित करने को, लोगों के बीच अपनी बातों को पुस्तक के माध्यम से रखने का मौका दिया। जो इतना आसान तरीका संभवतः किसी पब्लिकेशन के पास नहीं होगा।
“मैं कौन हूँ ? किताब को प्रकाशित कराने का अनुभव BookFylo के साथ बहुत ही बेहतरीन रहा। शुरुआत से लेकर किताब के अंतिम प्रकाशन तक उनकी टीम ने मुझे हर छोटी-बड़ी जानकारी दी और पूरा सहयोग किया। उनकी समय पर काम करने की शैली, साफ-सुथरी प्रक्रिया और क्वालिटी कंट्रोल ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
मुझे अपने विचारों को किताब के रूप में लोगों तक पहुँचाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। टीम का व्यवहार, संवाद, और प्रोफेशनलिज़्म बहुत अच्छा रहा।
BookFylo ने मेरे सपनों को किताब के पन्नों पर साकार किया। मैं BookFylo को तहे दिल से धन्यवाद देता हूँ और आगे भी अपनी किताबों के लिए इन पर भरोसा रखूँगा। जो लेखक अपनी किताब छपवाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है।
I acknowledge with gratitude the minute-to-minute guidance and unwavering support received from Sahityapedia and BookFylo expert team for publication of my first ever Hindi poetry book ‘अंतर्ध्वनि’.
It has been a wonderful and exciting experience to work on AI powered BookFylo App. Moreover, it’s so satisfying to see my own book getting shape in real time through this beautiful App, a very friendly and interactive platform.
With kind regards
Prof.(Dr.) Ram Naresh Tripathi ‘Mayur’
Kanpur, U.P.
Although this is an AI-powered publishing app, my experience of publishing my book through it has been truly remarkable. I faced no difficulties from start to finish, despite being a first-time author. Whenever I had a query, I received prompt responses through the provided WhatsApp number. I’m truly grateful to this app for helping me fulfill my dream. Navjot Singh Nagra
बुकफाइलो पर प्रकाशन का अनुभव
मेरी दो पुस्तकों — धूप छाँव के सौ रंग और सीता की आत्मकथा — का प्रकाशन बुकफाइलो प्लेटफॉर्म पर हुआ। यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक रहा। बुकफाइलो ने न केवल लेखन को पाठकों तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति को और अधिक सार्थक बनाने का अवसर भी दिया।
प्रकाशन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और लेखक-मित्र रही। टीम का सहयोग और मार्गदर्शन सराहनीय रहा, जिससे मेरी कृतियाँ सुगमता से पाठकों तक पहुँचीं। धूप छाँव के सौ रंग में जीवन के विविध रंगों की झलक और सीता की आत्मकथा में स्त्री अस्मिता की गहराई को पाठकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जो मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मैं बुकफाइलो का आभार व्यक्त करता हूँ कि उसने मेरी रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाने का यह अद्भुत माध्यम उपलब्ध कराया।