Book Ratings & Reviews
5.0
2 ratings
07/01/2026
वंदना जी को बहुत ही धन्यवाद बोला चाहूंगी। ये किताब पढ़ते समय लगता है कि प्रभु ने हाथ थाम रखा है।🙏🏻👌🏻👌🏻बहुत ही सुन्दर लिखी है ।सब को जरूर पढ़नी चाहिएं 👍🏻👍🏻🙏🏻
13/12/2025
लेखक की आध्यात्मिक पहुंच विचारणीय योग्य है
कहीं कहीं तो हम प्रभु को अपने आस पास ही महसूस करने लगते हैं।
ऐसा लेखन बार बार पढ़ने को मिलते रहना चाहिए।
धन्यवाद।